2 अब से आगे, तुमरो बच्चयो हुयो जमीन पर को जिवन मानवीय इच्छाहोन का जसो नी क्युकि परमेश्वर कि इच्छा का जसो जिवन जी. 3 क्युकि मूर्तिपूजक, इच्छा का जसो काम करण, अरु लुच्चोपन कि बुरी अभिलाषाहोन मतवालोपन, लीलाक्रीडा रंगरेली, अरु घ्रृणित मूर्तिपूजक मे जहा तक हम ने पहीला टेम गमायो, उ खुप हुयो. 4 येका से वे अचम्भो करस हइ, कि तुम असो भारी गिरनो, अरु लापरवाही को जिवन जिनामे वु सात नी होय. अरु येका लिये वे तुम्हारी नीन्दा करस हइ. 5 पन जो मर्या हुया मेसे जिन्दो अरु मर्यो हुयो को न्याय करण खे तैयार हइ, वु परमेश्वर खे वु खुद अपनो व्यवहार को लेखो झोको दिये. 6 येका लिये वे अविश्वासी खे उपदेस दियो गयो थो. कि शारीरीक रुप से जानीले ओको मानविय स्तर पर हय पन आत्मीक रुप से परमेश्वर का जसो जिन्दो र्हियो.
परमेश्वर को अच्छो देख रेख करण आलो
7 सब बात कि खतम तुरुत होन आलो हइ. येका लिये खुद हुय खे प्रार्थना का लिये जागा ऱ्हे.