मसीह, वजेसे जित
14 पर परमेश्वर को धन्यवाद हुये, जो मसीह मे सदा हम खे जय खे तिवार मे लिखे फिरस हइ, अरु अपनो ज्ञान कि बास हमारा वजेसे हर जगा फैलस हइ. 15 क्युकि हम परमेश्वर का पास उध्दारपानआलो, अरु खत्म होनआला खे दोइ खे लिये मसीह की सुगन्ध हइ. 16 केत्ता का लिये तो मरन का नीमीत मरना की गंध, अरु केत्ता का लिये जिवन को नीमीत्त जिवन की गंध, अरु या बातहोन का लायक कोन हइ? 17 क्युकि हम उन भोत होन का जसा नी, जो परमेश्वर को वचन मे मीलावट करस हइ. पर मन की सच्चाइ से, अरु परमेश्वर का तरफ से परमेश्वर को उपस्थित जानीखे मसीह मे बोलस हइ.