पापी, माफी
5 अरु अगर कोय ने उदास कर्यो हइ, ते मेखे ही नी क्युकी कि ओका साथ भोत कठीन नी कर्यु कुछ-कुछ तुम सब खे भी उदास कर्यो हइ. 2:5 गलतिया 4:12 6 असा जन का लिये यो दण्ड जो भैइहोन अरु बहीन मे से भोतजन ने दियो, भोत हइ 7 येका लिये येका से यो भलो हइ कि ओको अपराध माफ करणु. अरु शांती दे, नी हो कि असो इन्सान उदासी मे डूबी जाये. 8 यो करण मी तुम से बिंनती करुस हइ, कि अरु ओखे अपनो प्रेम को प्रमाण दे.