8 हे प्रेम दोस, या एक बात खे मत भुलनु की प्रभु कि नजर मे एक दिन हजार साल मे कोय फरक नी हइ. वोका लिये यो दिन भी बराबर हइ. 9 प्रभु अपनी प्रतीज्ञा का बारे मे देर नी कर्हे जसी कुछ दुन्या समजस हइ. पन तुमारा बारे मे धिर धरस हइ, अरु नी चाह्ये, कि कोय खतम हुये. क्युकी यो सब को मन फिराव को अवसर मील्हे.
10 पन प्रभु को दिन चोर का जसो अय जाह्येका वु दिन बद्दल गर्झना का सात नी दिखानो हुय जाह्ये वो का बाद बद्दल कि सब चिज पानी खे खतम हुय जाह्ये अरु पृथ्वी अरु वोका पर की बात गायब हुय जाह्ये. 11 जब कि ये सब चिजहोन, या रीति से खतम होन वाली हइ, ते तुमखे कोय रंग का दुन्या जिवन पवित्र अरु परमेश्वर का तरप सर्मपित होनो चाह्यो. 12 अरु परमेश्वर को वु दिन कि रस्ता कोय रीति से देखनो चाह्यो अरु वोखे झल्दी आन का लिये कोय इजा करणो चाह्यो, जो कारण बद्दल अंगार से खतम कर्यो जाह्येका अरु बद्दल की सब चिजहोन खुप गरम से तपीस खे गली जाह्ये. 13 पन वोकी प्रतीज्ञा का जसो हम एक नवो बद्दल अरु नवी पृथ्वी की आस देखस हइ जेम्मे धार्मीकता वास कऱ्हे.