जिवन पाणी की नदी
1 फिर वोने मेखे बगडी का जसी झलकन हुयो, जान को पाणी कि नंद्दी दिखानो, जो परमेश्वर अरु मेडा खे राजगद्दी से नीकलीखे
5 फिर रात नी होनकी, अरु वुन खे दिव्वो अरु सुरज को उजाला की जरुरत नी हुये खे क्युकि प्रभु परमेश्वर वुन खे उजाला दिह्येका अरु वे पिडमपिडि से राज कर्ह्ये.