पवित्र मन का वजेसे सचालन
16 पर मी बोलुस हइ, आत्मा का जसो चल ते तुम आंग कि लालसा कोय रीति से पुरी नी कऱ्यु. 17 क्युकी आंग आत्मा का विरोध मे अरु मन आग का विरोध मे लालसा करस हइ, अरु ये एक दुसरा का विरोधी हइ, येका लिये की जो तुम करणो चास हुये उ नी करण पाए.