सिध्द बलिदान
1 क्युकि व्यवस्था खे जेमे आन आली अच्छी चिजहोन को छाय हइ पर उनको असली स्वरुप खे येका लिये वे एक ही रंग को बलिदान का वजेसे जो हर साल अचूक चडाय जास हइ, पास आन आला खे कभी भी सिध्द नी करी सक्ये. 2 नी ते उनको चडानो बन्द क्यु नी हूइ जाय? येका लिये जब सेवा करण आला एक ही बार अच्छो हुइ जास, ते फिर उनको विवेक से उनका पाप नी ठैराय. 3 पन उनका वजेसे हर साल पाप खे याद कर्यो जास हइ, 4 क्युकि यो अनहोनो हइ कि बैलहोन अरु बकराहोन को खुन पाप खे दूर कर्येका