18 जो ओका पर विश्वास करस हइ, ओका पर दण्ड की आज्ञा नी होय, पर जो ओका पर विश्वास नी कर्हे, उ दोषी बनायो करी दी चुक्यो हइ. येका लिए कि ओने परमेश्वर का एकलौता बेटा का नाम पर विश्वास नी कर्यो. 19 अरु न्याय की आज्ञा करण यो हइ कि ज्योति जगत मे अय हइ, अरु इन्सानहोन ने अंधारा खे ज्योति से जादा प्रिय जान्यो क्युकी उनको काम बुरो थो.