1 फिर यीशु ओका बारे मे कि हमेशा प्रार्थना करणु अरु साहस नी छोडनु चाहिये यो दृष्टान्त बोलीयो. 2 कोइ गाव मे एक न्याय करणआलो रेतोथो. जो नी परमेश्वर से डरतो थो अरु नी कोइ इन्सान की परवाह करतो थो. 3 अरु वु गाव मे एक विधवा भी रहती थी जो ओका पास अय अयखे बोलते र्हिथी थी. "मरो न्याय चुकय खे मेखे बदनामी से बचा. 4 ओने खे तना टेम मे तक नी मानीयो पन मे मन मे विचार करीरो थो अगर मे ने परमेश्वर से डरुस अरु न इन्सान की कोइ परवाह करु मी." 5 फिर भी या विधवा, वजेसे मेखे सताती ऱ्हीहे हइ येका लिये मी ओको न्याय चुकये. कही असो न हो कि घडी घडी अयखे अन्त मे अयखे मरी नाक मे दम कर्हे.
6 प्रभु ने बोलियो. सुनो कि ह्या बुरोकाम न्याय को बोलस हे. 7 आखरी का परमेश्वर अपना चुन्या हुयो, न्याय न चुकय खे जो रात दिन ओकी दुवा देतो रिये अरु का वु ओका विषय मे देर करीये. 8 मी तुम से बतायु की व्हा तुरुत उनको न्याय चुकय खे पर इन्सान को बेटा जब आह्ये. ते कावु पृथ्वी पर विश्वास पाए.