2 व्हा जक्कइ नाम एक इन्सान थो. जो चुंगी लेनवालो को मुखियो अरु लखपती थो. 3 व्हा यीशु खे देखनो चाहतो थो कि व्हा कोयन सो हइ? पन गर्दी को करण देखी नी सक्यो थो.क्युकी उ ठेगनो थो. 4 तब ओखे देखन का लिये व्हा आगे भागीखे एक गुल्लेर का झाड पर चेडी गयो. क्युकी यीशु ओकी रस्ता से समजनआलो थो. 5 जब यीशु वा जगा पहुच्यो. ते उपर नजर करी खे ओकासे बोल्यो. "हे जक्कइ. झल्दी उतरीखे आ. क्युकी आज मेखे तरा घर मे र्हेनो जरुरती हइ."
6 उ तुरुत उतरीखे खुशी से ओखे अपना घर खे ली गयो. 7 यो देखी खे सब झन खुसुर मसुर बोलन लग्या. "व्हा तो एक पापी इन्सान का ह्या गयो हइ." 8 जक्कइ ने खडो हुयखे प्रभु से बोल्यो. "हे प्रभु. देख मी अपनी आदी दौलत गरीब खे दिवस हय. अरु अगर कोय को कुछ भी बुरो करण खे ली लियो हइ ते ओखे चार बुरो फेरी देस हय."