यीशु की माय अरु ओको भैइ
46 जब उ गर्दी से बात करी ही रहो थो, ते ओकी माय अरु भैइ बाहेर खडा था, अरु ओकासे बात करणो चास हइ. 47 कोय ने ओकासे बोल्यो, "देख तरी माय अरु तरो भैइ बाहेर खडा हइ, अरु तरा से बात करणु चास हइ." 48 यो सुनीखे ओने बोलनवाला खे उत्तर दियो, "कोन हइ मरी माय? अरु कोन हइ मरो भैइ?" 49 अरु अपना सेवकहोन का तरप हात बढय खे बोल्यो, "मरी माय अरु मरो भैइ ये हइ. 50 क्योकी जो कोय मरा स्वर्गीय बाप की इच्छा पर चलस, उ मरो भैइ, अरु भैइन, अरु मरी माय हइ."