फारकती कि शिक्षा
31 यो भी बोल्यो गयो थो, जो कोय अपनी लुगेन खे छोडी दे, ते ओखे फरकती दे. 32 पन मी तरा से यो बोलुस हइ कि जो कोय अपनी लुगेन खे व्यभिचार का वजेसे कोय अरु करण से फरकती देस, ते उ ओकासे व्यभिचार करवास हइ. अरु जो कोय वा छोडी हुये से भ्याव कर, उ व्यभिचार करस हइ.