22 वे अपना आप खे दिमाकवान समजी खे बदमास बनी गयो. 23 अरु अविनाशी परमेश्वर कि महिमा खे नासमन इनसान अरु पक्षिहोन, अरु चारपाय, अरु लोडनआला जन्तुहोन की चित्र का जसासे मे बदली डाल्यो.
24 येका लिये परमेश्वर ने उनने उनकी मन की वासना का जसो दुराचरण को शिकार होन दियो अरु वे एक दुसरा को आंग के अपवित्र करस हइ. 25 क्युकि उनने परमेश्वर कि सच्चाइ के बदलिके झुटो बन्य दियो, अरु बनायो हुयो चिजहोन कि भक्ति अरु सेवा खे, पन उ बनानवाला कि भक्ति नी करी जो युगानु सृष्टी कि उपासना अरु परमेश्वर का बजाये सुष्टि करी खे जेखे परमेश्वर ने बनायो हइ सुजनहार को जो हमेशा धन्य हइ. आमीन.
26 येका लिये परमेश्वर ने वुनखे नीच कामनाहोन का वस मे छोडी दियो. तक की ओकी बयहोन ने भी बरोबर व्यवहार खे, वोको जो स्वभाव का विरुध्द हइ, बदली डाल्यो. 27 वोसो ही इन्सान भी बयहोन का सात स्वभाविक व्यवहार छोडी खे आपस मे कामातुर हुइ खे जलन लग्या, अरु इन्सान ने इन्सान का साथ नीर्लज काम करी खे अपनो भ्रम को बरोबर फल मील्हे.