परमेश्वर को न्याय
1 जो तुम दुसरा पर इलजाम लगानआलो, तु कोय क्यु नी हुये. तु अधिकार करस हइ, क्युकि जो बात मे तु दुसरा पर इलजाम लगास हइ, वा बात मी अपना तुमखे भी दोषी ठैरास हइ येकालिये की तु जो इलजाम लगास हइ खुद ही वह का करस हइ. 2 हम जानस हइ, कि असो असो काम करणवाले पर परमेश्वर का तरप से बरोबर दण्ड दराड कि आज्ञा होस हइ. 3 पन हे इन्सान तु जो असो असो काम करणवाला पर इलजाम लगास हइ, अरु आप उ काम करस हइ. का यो समझस हइ, की तू परमेश्वर का दण्ड से बची जाये.