21 जो बात से अब तु लज्जित होस हइ, ओने उ टेम तु का फल पातो थो? क्युकी ओका आखरी तो मरन हइ. 22 पन अब पाप से स्वतंत्रता हुइ खे अरु परमेश्वर को सेवक बनीखे ते का फल मील्यो जेकासे पवित्रता मील्हे होस हइ, अरु ओको आखरी जिवन हइ.
21 जो बात से अब तु लज्जित होस हइ, ओने उ टेम तु का फल पातो थो? क्युकी ओका आखरी तो मरन हइ. 22 पन अब पाप से स्वतंत्रता हुइ खे अरु परमेश्वर को सेवक बनीखे ते का फल मील्यो जेकासे पवित्रता मील्हे होस हइ, अरु ओको आखरी जिवन हइ.