सुनो अरु करणु
19 हे मरो प्रिय भैइ अरु भैइन, या बात तु जानी ले हर एक इंन्सान सुनन का लिये झल्दी अरु बोलना मे धीर अरु घुस्सा मे भी धीमो हुये,
19 हे मरो प्रिय भैइ अरु भैइन, या बात तु जानी ले हर एक इंन्सान सुनन का लिये झल्दी अरु बोलना मे धीर अरु घुस्सा मे भी धीमो हुये,