14 का तुम मे कोय रोगट हइ, ते ओने मंडली का बुजरुकहोन खे बुलास की वे प्रार्थना कर उन पर प्रभु को नाम मे तेल लगास, 15 अरु विश्वास की प्रार्थना का वजेसे रोगट बची जाए अरु प्रभु ओखे डबल से अच्छो आंग प्रदान कऱ्यु. अरु अगर ओने पाप भी कऱ्यो हुइ, ते ओकि भी माफ हुइ जाए. 16 येकालिये तुम आपस मे एक दुसरा का सामने अपनो-अपनो पाप खे मानी ले, अरु एक दुसरा का लिये प्रार्थना कर, जेकासे अच्छो हुइ जाए धर्मी झन कि प्रार्थना का प्रभाव से भोत कुछ हुइ सकस हइ.