54 याग अद वचन जो शास्त्र दा लिख्सकु आद पुरा आगेदीत: अदिक याग ईद नाशवान अविनाश इक हाक्क कोंडीत, अदिक ईद मरनहार अमरता अक हाक्क कोंडीत, मृत्यु इन अन्त आत अदिक विजय प्राप्त आत.
55 हे मृत्यु, अपमान जय यल ईत्त?
हे मृत्यु, अपमान डंक यल ईत्त?
56 मृत्यु इन डंक पाप आद, अदिक पाप इन बल मूसा अन्द नियम शास्त्र टु बरतद. 57 लेकीन परमेश्वर उन धन्यवाद आगुल, जो नाम्द प्रभु यीशु मसीह अन्द द्वारा नामी जयवन्त माळतान.