2 ईग टु मुंद नीम्द वाचुस्त समय पृथ्वी इन जीवन मानवीय इच्छागोळ्द अनुसार ईला बल्की परमेश्वर उन इच्छा अन अनुसार जीवन व्यतीत माळुल. 3 यतिकी मूर्ति पुजा माळावाळेर्द इच्छा अन्द अनुसार क्याल्सा माळोद, अदिक असभ्यता, वासना, पियक्कळपन अवैध संबंध, रंगरेली, अदिक बेकार मूर्तिपूजा दा यल ताका नाव पयले समय गऊसदेव, अदा हापाळ आत. 4 इदुर देल आंदुर अचम्भा माळतार कि नीव हिंग बोयोद जंगलीपन अदिक लापरवाह अन्द जीवन जगुसोर दा आंदुर साथ कोळालीर, अदिक इदुरसाटी आंदुर नीम्द अपमान माळतार; 5 लेकीन जो सोतकु आर अदिक जित्तागोळ्द न्याय माळोर साटी तयार आन आ परमेश्वर उक नामी तान व्यवहार इन लेखा जोखा कोळोद बिद्दीत. 6 इदुरसाटी आ विश्वासीगोळ इक जो सोतोग्यार खुशखबरी इन उपदेश कोटकु आगीत कि शारीरिक रूप देल चाहे आंदुर्द न्याय मानवीय स्थल मा आगुल लेकीन आत्मिक रूप देल आंदुर परमेश्वर उन अनुसार जित्ता ईरूल.
परमेश्वर उन वळ्लेर भंडारी
7 सप्पा मातगोळ्द अन्त तुरन्त आगावाळा आद; इदुरसाटी संयमी आगकु प्रार्थना माळोर साटी सचेत ईरी.