आत्मिक लळाई इन औजार
10 इदुरसाटी प्रभु दा अदिक आऊन शक्ति इन प्रभाव दा ताकतवर बन्सी. 11 परमेश्वर उन सप्पा हथियार हाक्क बुळी कि नीव शैतान उन युक्तिगोळ मुंद निदुरकु ईर सकीर. 12 यतिकी नाम्द ईद मल्लयुद्ध रक्ता अदिक मास देल ईला लेकीन प्रधानगोळ देल, अदिक अधिकारीगोळ देल, अदिक ई दुनिया अन अंधकार इन शासकगोळ देल अदिक आ दुष्टता अन्द आत्मिक सेनागोळ देल आद जो आकाश दा आव. 13 इदुरसाटी परमेश्वर उन पुरा हथियार कट कोमी कि नीव बुरा दिन दा सामना माळ सकी, अदिक सप्पा येनारा पुरा माळकु संची ईर सकी.
14 इदुरसाटी सच्चाई देल तान नेळु कसुसकु, अदिक न्यायीपन इन कवच हाक्कु, 15 अदिक कालगोळ दा मेल इन खुशखबरी इन तयारी इन जुता हाक्कु; 16 अदिक ई सब मुंदुर सांगुळ विश्वास इन ढाल हुडुकु स्थिर ईरी यदुर देल नीव आ दुष्ट इन सब होततेला तीरगोळ इक नुनाक सकी. 17 अदिक उद्धार इन टोप, अदिक आत्मा अन्द तलवार, जो परमेश्वर उन वचन हुन, ग्रहण माळकोमी. 18 हर समय अदिक हर प्रकार देल आत्मा दा प्रार्थना, अदिक विनती माळतेला ईरी, अदिक इदुरसाटी जाग्सतेला ईरी कि सब पवित्र लॉकुर्द साटी लगातार विनती माळतेला ईरी,