Pular para o conteúdo
Publicidade

कुरिंथियों की पहली पत्री 10:31-33

HSB Hindi Standard Bible

31 इसलिए चाहे तुम खाओ या पीओ, या जो कुछ भी करो, सब परमेश्‍वर की महिमा के लिए करो। 32 तुम न तो यहूदियों, न यूनानियों और न ही परमेश्‍वर की कलीसिया के लिए ठोकर का कारण बनो; 33 ठीक वैसे ही जैसे मैं भी सब बातों में सब मनुष्यों को प्रसन्‍न रखता हूँ, और अपना नहीं बल्कि बहुतों का लाभ ढूँढ़ता हूँ कि वे उद्धार पाएँ।

Em outras traduções

  1. OHSS Hindi Contemporary Version

    31 इसलिये तुम चाहे जो कुछ करो, चाहे जो कुछ खाओ या पियो, वह परमेश्वर की महिमा के लिए हो. 32 तुम न यहूदियों के लिए ठोकर का कारण बनो, न यूनानियों के लिए और न ही परमेश्वर की कलीसिया के लिए; 33 ठीक जिस प्रकार मैं भी सबको सब प्रकार से प्रसन्‍न रखता हूं और मैं अपने भले का नहीं परंतु दूसरों के भले का ध्यान रखता हूं कि उन्हें उद्धार प्राप्‍त हो.

  2. IRVHIN Indian Revised Version (IRV) Hindi - 2019

    31 इसलिए तुम चाहे खाओ, चाहे पीओ, चाहे जो कुछ करो, सब कुछ परमेश्वर की महिमा के लिये करो। 32 तुम न यहूदियों, न यूनानियों, और न परमेश्वर की कलीसिया के लिये ठोकर के कारण10:32 ठोकर के कारण: निरापराध रहो, वह यह है कि पाप में दूसरों का नेतृत्व करने के जैसा काम मत करो। बनो। 33 जैसा मैं भी सब बातों में सब को प्रसन्न रखता हूँ, और अपना नहीं, परन्तु बहुतों का लाभ ढूँढ़ता हूँ, कि वे उद्धार पाएँ।

Direitos das traduções citadas

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.