24 और धन्यवाद करके उसे तोड़ी और कहा,"यह मेरी देह है, जो तुम्हारे लिएहै, मेरे स्मरण में यही किया करो।" 25 इसी प्रकार भोजन के बाद उसने कटोरा भी लिया और कहा,"यह कटोरा मेरे लहू में नई वाचा है; जब भी पीओ, तो मेरे स्मरण में यही किया करो।" 26 क्योंकि जब भी तुम यह रोटी खाते और इस कटोरे में से पीते हो, तो जब तक प्रभु न आए उसकी मृत्यु का प्रचार करते हो।
अपने आपको जाँचना
27 इसलिए जो कोई अनुचित रूप से प्रभु की रोटी खाए या उसके कटोरे में से पीए, वह प्रभु की देह और लहू का दोषी ठहरेगा। 28 अतः मनुष्य अपने आपको जाँच ले; और फिर इस रोटी में से खाए और इस कटोरे में से पीए।