4 परम धरयवन ह, परम दयल ह, वह ईरषय नह करत, परम अपन बड़ई नह करत, और घमड स नह फलत। 5 वह अनचत वयवहर नह करत, अपन भलई नह चहत, झझलत नह, बरई क लख नह रखत;
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4 परम धरयवन ह, परम दयल ह, वह ईरषय नह करत, परम अपन बड़ई नह करत, और घमड स नह फलत। 5 वह अनचत वयवहर नह करत, अपन भलई नह चहत, झझलत नह, बरई क लख नह रखत;