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कुरिंथियों की पहली पत्री 7

32 ैं हतूँ ि िं्‍रहो। अवििरभों िंकरति वह रभरसन्‍रखे। 33 परििांिों िंकरति वह अपनपत्‍रसन्‍रखे, 34 और उसकै। अवििुँरभों िंकरतै, ि वह और आतों ें पविो। परििों िंकरति वह अपनपति रसन्‍रखे।

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