16 सदा आनंदित रहो। 17 निरंतर प्रार्थना करते रहो। 18 हर बात में धन्यवाद करो, क्योंकि मसीह यीशु में तुम्हारे लिए परमेश्वर की यही इच्छा है।
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16 सदा आनंदित रहो। 17 निरंतर प्रार्थना करते रहो। 18 हर बात में धन्यवाद करो, क्योंकि मसीह यीशु में तुम्हारे लिए परमेश्वर की यही इच्छा है।