Pular para o conteúdo
Publicidade

2 Tessalonicenses 2

अधर

1 इयो, अब हमरभमसआगमन और उसकहमएकतिषय ें हम मसिनतकरतैं, 2 ि िआता, वचन, पतहमओर ो, और यह रकट करति रभ2:2 कुछ हस्तलेखों में "प्रभु" के स्थान पर "मसीह" लिखा है। िगयै, अपनमन ें िचलिऔर घबरा। 3 ें िरकसके, ोंि वह ितब तक नहीं आएगजब तक ि पहलधरऔर अधरअरिरकट , 4 रततथकथिईश्‍वर आरवसिकरतऔर अपनआपकउनसठहरै, यहाँ तक ि वह परम्‍वर िें ठकर अपनआपकपरम्‍वर िकरतै।2:4 कुछ हस्तलेखों में "परमेश्‍वर घोषित करता है" के स्थान पर "परमेश्‍वर के रूप में प्रस्तुत करता है" लिखा है।

5 ें मरण नहीं ि जब ैं ें ें बतकरता? 6 और नति अपनििसमय ें रकट िअभउसै। 7 ोंि अधरअब िै, और जब तक कनहटितब तक वह उसरखा। 8 तब वह अधररकट ा, िरभअपनुँूँऔर अपनआगमन भसकर ा। 9 उस अधरआनों िअनसब रकशक्‍ि और ि्‍ों और आश्‍चरयकरों, 10 और अधरहर रका, ोंि उनोंसतरहण नहीं ििससउनकउदा। 11 इस रण परम्‍वर उनमें एक बड़रम ि पर ि्‍करें, 12 ि सब िोंसतपर ि्‍नहीं िपरअधररसन्‍

रह

13 इयो, रभिो, हमें िषय ें परम्‍वर सदधनयवकरनि, ोंि परम्‍वर आर2:13 कुछ हस्तलेखों में "आरंभ से ही" के स्थान पर "प्रथम फल के रूप में" लिखा है। ें िि आतपविबनकर और सतपर ि्‍करकउद14 इसिउसनहमसमें ि हमरभमसमहि्‍करो। 15 अतइयो, िरहऔर उन परपररहिनकिें वचन पतहमसिी।

16 अब वयहमरभमसऔर हमपरम्‍वर िा, िसनहमसरखऔर अनरह हमें अनांि और उततम आशै, 17 मनों िकरऔर हर भलऔर वचन ें2:17 कुछ हस्तलेखों में यहाँ "तुम्हें" लिखा है। करे।

Veja também

2 Tessalonicenses
Ver todos os capítulos de 2 Tessalonicenses