Publicidade

Colossenses 2

1 ैं हतूँ ि यह ि ैं और िििों िऔर उन सब ििोंनहीं ा, ितनघरकरतूँ, 2 ि ें एक धकर और समझ आश्‍सन समसधन ्‍करकउनक2:2 अर्थात् तुम्हारे और उनके मन िों, िससपरम्‍वर2:2 कुछ हस्तलेखों में यहाँ "पिता" लिखा है। अरमसपहचें, 3 िसमें ि और िैं।

ििवन

4 यह ैं इसलिकहतूँ ि ें ों े। 5 यदयपि ैं शरें मसूँ िआतें ूँ और यवसिवन तथमसें ि्‍ढ़तखकर आनिूँ।

6 अतमनमसरभनकर रहण िै, उसमें चलो, 7 तथउसमें जड़ पकड़तऔर उन्‍नत , और ें िगयि्‍ें अतयधिधनयवकरतरहो। 8 वधरहि कहीं ें उस ततव-जऔर यरों अपनिबनमनों परपरऔर िांों अनै, पर मसअननहीं; 9 ोंि उसें परम्‍वरतपरिणतसदकरत10 और उसें परििगए समसरधनतऔर अधििमणि ै। 11 उसमें ख़तननहीं ा, अरमसख़तना, िसमें2:11 कुछ हस्तलेखों में यहाँ "पापों की" लिखा है। िउतै; 12 और उसकबपतिें गए और परम्‍वर उस मरपर ि्‍करना, िसनउसतकों ें िा, उसकिगए13 उसमकअपनअपरों और अपनशरख़तनरहिदशें मरे, मसिकर िा। उसनहमसब अपरों षमकर ि14 और ििों वह हमपर और हमिा, िा, और उसपर ों जड़कर मनहटिै। 15 उसनरधनतऔर अधिों िरस्‍िऔर 2:15 या, मसीह उन पर िजय ्‍करकउनकआम तमबना।

16 इसलिऔर ें परनए ाँसबििषय ें पर लग, 17 आनों परतविकतमसै। 18 नतऔर वरगदों ें ि्‍रहतै, ें रतिफल िकर े। ऐसयक्‍ि 2:18 कुछ हस्तलेखों में "देखी हुई" के स्थान पर "अनदेखी" लिखा है। ों पर लगरहतऔर अपनिसमझ पर यरलतै, 19 और उस िनहीं रहतिसकों और असिों यम िऔर गठिकर परम्‍वर ओर बढ़तै।

20 जब मसइस िांों रति मर गए ो, िउनकसमांिवन िैं, ऐसििों ों रहतो, 21 "इसा, उसचखना, उसलगा"? 22 सब मनों आजऔर िअनैं और उन वसें ैं उपयें आते-आतनष्‍ैं। 23 ें ैं, मनगढ़भक्‍ि, नतऔर ितपसें ि रण िैं, परिलसकनें इनसनहीं2:23 या, परंतु इनका कोई मूल्य नहीं, बल्कि ये शारीरिक लालसाओं की पूर्ति के लिए ही हैं

Veja também

Colossenses
Ver todos os capítulos de Colossenses
Bíblia Online Bíblia Online

Bíblia Online • Versão: 2026-07-05_12-11-46-