24 "तुम इस कार्य को अपने और अपने वंश के लिए सदा की एक विधि के रूप में मानना। 25 जब तुम उस देश में प्रवेश करो जो यहोवा तुम्हें अपनी प्रतिज्ञा के अनुसार देगा, तब इस रीति का पालन किया करना। 26 फिर जब तुम्हारे बच्चे तुमसे पूछें, ‘तुम्हारी इस रीति का क्या अर्थ है?’ 27 तब तुम यह कहना, ‘यह यहोवा के लिए फसह का बलिदान है, क्योंकि वह मिस्र में इस्राएलियों के घरों को छोड़ता हुआ निकल गया और मिस्रियों का नाश किया, तथा हमारे घरों को बचा लिया।’ " यह सुनकर लोगों ने सिर झुकाकर दंडवत् किया।