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João 2

िउतसव ें

1 सरिगलें एक िा, और वहाँ ी। 2 और उसकिउस िें आमिे। 3 जब खरस कम पड़ गयउससकहा, "उनकखरस नहीं ै।" 4 उससकहा,"ी, इससऔर ा-ा? अभसमय नहीं आयै।" 5 उसकवकों कहा, "वह मसकहे, वहकरना।" 6 उस समय वहाँ यहिों करण रथअनपतथर घड़रखे, रतें असएक टर2:6 अस्सी से एक सौ बीस लीटर — अक्षरशः दो से तीन मेट्रेटेस तक समा। 7 वकों कहा,"घड़ों भर ो।" अतउनोंउनें ुँतक भर िा। 8 तब उसनउनसकहा,"अब िलकर रबधक " और गए9 जब रबधक वह चखखरस बन गयऔर नहीं नति यह कहाँ आय(परिवकों िा, नते), उसन10 और उससकहा, "हर एक मनपहलअचखरस और जब कर मतवैं तब उससघटिै। अचखरस अब तक बचरखै!" 11 इस रकगलें ि्‍ों आरिऔर अपनमहिरकट ी, तथउसकिों उस पर ि्‍िा।

12 इसकु, अपना, अपनइयों और अपनिों कफरनहगया, परवहाँ अधििनहीं रहे।

िकरण

13 जब यहिों फसह परिकट आययरशलगया। 14 उसनिर-परिसर ें , और कबतर चनों और सरों ा। 15 तब उसनरसिों एक बनकर ों और ों सहिसब िर-परिसर हर ििा, और सरों ि्‍िितथिों उलट िा; 16 और कबतर चनों कहा,"इनें यहाँ िघर घर मत बन" 17 तब उसकिों मरण आयि ि: घर एगी।2:17 भजन 69:9

18 इस पर यहिों कहा, "यह कर रहै, उसकिहमें ि्‍िै?" 19 उनकउततर िा,"इस िो, और ैं इसिें खड़कर ूँा।" 20 तब यहिों कहा, "यह ििवरें बनगयऔर इसिें खड़कर ा?" 21 परवह अपनििषय ें कह रहा। 22 अतजब वह तकों ें उठउसकिों मरण आयि उसनयह कहा, और उनोंपविरश्‍और उस वचन पर कहा, ि्‍िा।

23 फसह परसमय जब वह यरशलें ा, उसकउन ि्‍ों खकर िें वह िा, बहों उसकपर ि्‍िा। 24 परअपनआपकउनकभरपर नहीं ा, ोंि वह सब नता, 25 और उसआवशयकतनहीं ि मनिषय ें े, ोंि वह नति मनमन ें ै।

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