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यूहन्‍ना रचित सुसमाचार 20

पर रकट

24 परउन रहों ें एक अरा, िकहलै, जब आयउनकनहीं ा। 25 अतअनिउससकहनलगे, "हमनरभै।" परउसनउनसकहा, "जब तक ैं उसकों ें ों ूँ और उन ों ें अपनगलूँ और उसकपसलें अपनूँ, तब तक ैं िलकि्‍नहीं करूँा।"

26 आठ िउसकििघर तर और उनका। तब पर आयऔर उनकें खड़कर कहा,"ें ांि िे।" 27 िउसनकहा,"अपनगलयहाँ और ों , और अपनकर पसलें , और अवि्‍नहीं बलि ि्‍ो।" 28 इस पर उससकहा, "रभु! परम्‍वर!" 29 उससकहा,"ै, इसलिि्‍िै? धनैं िोंिि्‍िा।"

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