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João 21

िििपर रकट

1 इन ों ििितट पर अपनआपकिों पर िरकट िा; और उसनइस रकरकट ि: 2 शमपतरस और िकहलऔर गलनतनएल और ज़बऔर िों ें अनजन, एक े। 3 शमपतरस उनसकहा, "ैं मछलपकड़नरहूँ।" उनोंउससकहा, "हम रहैं।" िकलकर पर चढ़ गए, परउस उनोंनहीं पकड़ा।

4 पर तट पर खड़ा; ििों नहीं पहचि वह ै। 5 तब उनसकहा,"बच्‍ो! ें मछलनहीं िी?" उनोंउसउततर िा, "नहीं।" 6 िउसनउनसकहा,"िओर ओगे।" तब उनोंऔर अब मछलिों बहयत रण उसींनहीं रहे। 7 तब उस िे, िससरखता, पतरस कहा, "वह रभै!" अतशमपतरस यह नकर ि वह रभै, गरखाँा, ोंि वह नग्‍ा, और ें पड़ा। 8 परअनिमछलिों भरींचतआए, ोंि ि नहीं बलि लगभग टर21:8 अक्षरशः 200 क्यूबिट (एक क्युबिट एक हाथ — कोहनी से ऊँगली तक — की लंबाई मानी जाती थी जो लगभग डेढ़ फुट के बराबर होती है।) पर े।

9 जब ि पर आए उनोंयलआग और उस पर मछलऔर रखी। 10 उनसकहा,"मछलिाँ मनअभपकड़ैं, उनमें " 11 अतशमपतरस पर चढ़कर एक िरपन बड़मछलिों भरि पर ींा; परइतनअधिमछलिाँ पर नहीं फटा।

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