31 इसी बीच शिष्यों ने यीशु से निवेदन किया, "हे रब्बी, कुछ खा ले।" 32 परंतु उसने उनसे कहा,"मेरे पास खाने के लिए ऐसा भोजन है जिसे तुम नहीं जानते।" 33 तब शिष्य आपस में कहने लगे, "कहीं कोई उसके खाने के लिए तो कुछ नहीं लाया?" 34 यीशु ने उनसे कहा,"मेरा भोजन यह है कि मैं अपने भेजनेवाले की इच्छा पर चलूँ और उसका कार्य पूरा करूँ।