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लूका रचित सुसमाचार 1

28 वरगदउसकतर आकर कहा, "रभी, आनिो! रभ1:28 कुछ हस्तलेखों में यहाँ "तू स्‍त्रियों में धन्य है" लिखा है।" 29 परइस कथन वह बहघबरगई, और चनलगयह अभिदन ै? 30 तब वरगदउससकहा, "मरियम, मत डर! ोंि पर परम्‍वर अनरह ै; 31 , गरभवतऔर एक जनी, और उसकरखना।

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