30 तब सवरगदत न उसस कह, "ह मरयम, मत डर! कयक तझ पर परमशवर क अनगरह हआ ह; 31 दख, त गरभवत हग और एक पतर क जनम दग, और त उसक नम यश रखन।
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30 तब सवरगदत न उसस कह, "ह मरयम, मत डर! कयक तझ पर परमशवर क अनगरह हआ ह; 31 दख, त गरभवत हग और एक पतर क जनम दग, और त उसक नम यश रखन।