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लूका रचित सुसमाचार 18

फरऔर कर वसलन्‍ां

9 तब उनसी, अपनआपकधरनतऔर सरों समझते, यह ्‍ांकह:

14 ैं मसकहतूँ, यहमनधरठहरकर अपनघर गया, ि वह सरमन; ोंि रतअपनआपकउठवह िएगा, परअपनआपककरतवह उठएगा।"

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