Pular para o conteúdo
Publicidade

लूका रचित सुसमाचार 5

18 और ो, एक मनलकवा, पर और उसतर कर मनरखनहते। 19 जब रण उसतर उपा, उनोंछत पर चढ़कर खपरहटऔर उससमें मनउतिा। 20 उनकि्‍खकर उसनकहा,"मन, षम" 21 पर्‍और फरयह िकरनलगे, "यह परम्‍वर िंकरतै? परम्‍वर और ों षमकर सकतै?" 22 उनकिों नकर उनसकहा,"अपने-अपनमन ें यह िों कर रहो? 23 सहज ै, यह कहना, षम,यह कहना, उठ और चल ि? 24 अब इससि मनपर षमकरनअधिै," िउसनलकवकहा,"ैं झसकहतूँ, उठ, अपनउठऔर अपनघर चला।" 25 और वह उनकमनउठऔर िपर वह उसउठकर, परम्‍वर महिकरतअपनघर चलगया।

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também