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मत्ती रचित सुसमाचार 14:25-27

HSB Hindi Standard Bible

25 रात के लगभग तीन बजे14:25 अक्षरशः चौथे पहर यीशु झील पर चलते हुए उनके पास आया। 26 परंतु जब शिष्यों ने उसे झील पर चलते हुए देखा तो घबरा गए और कहने लगे, "यह तो कोई भूत है।" और डर के मारे चिल्‍ला उठे। 27 यीशु ने तुरंत उनसे बातें कीं और कहा,"साहस रखो, मैं हूँ, डरो मत।"

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  1. OHSS Hindi Contemporary Version

    25 रात के अंतिम प्रहर14:25 अंतिम प्रहर रात के करीब 3 बजे में येशु जल सतह पर चलते हुए उनकी ओर आए. 26 उन्हें जल सतह पर चलते देख शिष्य घबराकर कहने लगे, "दुष्टात्मा है यह!" और वे भयभीत हो चिल्लाने लगे.

    27 इस पर येशु ने उनसे कहा, "डरो मत. साहस रखो! मैं हूं!"

  2. IRVHIN Indian Revised Version (IRV) Hindi - 2019

    25 और वह रात के चौथे पहर14:25 चौथे पहर: यहूदी, साथ ही साथ रोमी, आमतौर पर रात को चार पहर में प्रत्येक पहर को तीन घंटे में विभाजित करते है पहला पहर शाम छः बजे से शुरू होता है और चौथा पहर रात तीन बजे से शुरू होता है। झील पर चलते हुए उनके पास आया। 26 चेले उसको झील पर चलते हुए देखकर घबरा गए, और कहने लगे, "वह भूत है," और डर के मारे चिल्ला उठे। 27 यीशु ने तुरन्त उनसे बातें की, और कहा, "धैर्य रखो, मैं हूँ; डरो मत।"

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