29 और काँटों का मुकुट गूँथकर उसके सिर पर रखा तथा उसके दाहिने हाथ में सरकंडा थमाया, और उसके सामने घुटने टेककर उसका उपहास करते हुए कहने लगे, "यहूदियों के राजा, तेरी जय हो!"
Publicidade
29 और काँटों का मुकुट गूँथकर उसके सिर पर रखा तथा उसके दाहिने हाथ में सरकंडा थमाया, और उसके सामने घुटने टेककर उसका उपहास करते हुए कहने लगे, "यहूदियों के राजा, तेरी जय हो!"