यहूदा द्वारा आत्महत्या
3 उसे पकड़वानेवाले यहूदा ने जब यह देखा कि यीशु दोषी ठहराया गया है, तो पछताया और चाँदी के उन तीस सिक्कों को मुख्य याजकों और धर्मवृद्धों को लौटाकर 4 कहा, "मैंने उस निर्दोष लहू का सौदा करके पाप किया है।" परंतु उन्होंने कहा, "हमें इससे क्या? तू ही जान।" 5 तब वह चाँदी के उन सिक्कों को मंदिर में फेंककर चला गया, और जाकर अपने आपको फाँसी लगा ली।