5 तब सवरगदत न सतरय स कह, "डर मत, म जनत ह क तम यश क, जस करस पर चढ़य गय थ, ढढ़ रह ह; 6 वह यह नह ह, कयक जस उसन कह थ, वह ज उठ ह; आओ! इस सथन क दख जह उस रख गय थ।
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5 तब सवरगदत न सतरय स कह, "डर मत, म जनत ह क तम यश क, जस करस पर चढ़य गय थ, ढढ़ रह ह; 6 वह यह नह ह, कयक जस उसन कह थ, वह ज उठ ह; आओ! इस सथन क दख जह उस रख गय थ।