Pular para o conteúdo
Publicidade

मत्ती रचित सुसमाचार 6:5-15

प्रार्थना पर शिक्षा

5 "जब तुम प्रार्थना करो तो पाखंडियों के समान न होना; क्योंकि उन्हें आराधनालयों में और सड़क के कोनों पर खड़े होकर प्रार्थना करना प्रिय लगता है, ताकि लोग उन्हें देखें; मैं तुमसे सच कहता हूँ, वे अपना प्रतिफल पा चुके। 6 परंतु जब तू प्रार्थना करे तो अपने कमरे में जा, और द्वार बंद करके अपने पिता से जो गुप्‍त में है, प्रार्थना कर; तब तेरा पिता जो गुप्‍त में देखता है, तुझे6:6 कुछ हस्तलेखों में यहाँ "सब के सामने" लिखा है।प्रतिफल देगा। 7 प्रार्थना करते समय गैरयहूदियों के समान अर्थहीन बातें न दोहराओ, क्योंकि वे सोचते हैं कि उनके अधिक बोलने से उनकी सुनी जाएगी। 8 इसलिए तुम उनके समान न बनो, क्योंकि तुम्हारा पिता तुम्हारे माँगने से पहले जानता है कि तुम्हारी क्या आवश्यकता है।

9 "अतः तुम इस प्रकार प्रार्थना करो :

हे हमारे पिता,

तू जो स्वर्ग में है,

तेरा नाम पवित्र माना जाए।

10 तेरा राज्य आए,

तेरी इच्छा जैसे स्वर्ग में पूरी होती है,

वैसे पृथ्वी पर भी हो।

11 हमारी दिन भर की रोटी आज हमें दे;

12 और जिस प्रकार हमने अपने अपराधियों को क्षमा किया है,

वैसे ही तू भी हमारे अपराधों को क्षमा कर।

13 हमें परीक्षा में न पड़ने दे,

बल्कि बुराई से बचा।

[क्योंकि राज्य और सामर्थ्य और महिमा सदा तेरे ही हैं। आमीन।] 6:13 कुछ हस्तलेखों में यह भाग भी पाया जाता है।

14 "क्योंकि यदि तुम मनुष्यों के अपराध क्षमा करोगे, तो तुम्हारा स्वर्गिक पिता भी तुम्हें क्षमा करेगा; 15 परंतु यदि तुम मनुष्यों के अपराधों6:15 कुछ हस्तलेखों में "के अपराधों" नहीं है।को क्षमा नहीं करोगे, तो तुम्हारा पिता भी तुम्हारे अपराध क्षमा नहीं करेगा।

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.