1 दाऊद के पुत्र, इस्राएल के राजा सुलैमान के नीतिवचन :
2 इनके द्वारा मनुष्य बुद्धि और शिक्षा को प्राप्त करे,
और समझ की बातों को पहचाने;
3 और व्यवहार-कुशलता,
धार्मिकता, न्याय, और निष्पक्षता की शिक्षा प्राप्त करे।
4 इनके द्वारा नासमझ लोगों को समझ,
और जवान को ज्ञान और समझदारी मिले;
5 बुद्धिमान इन्हें सुनकर अपना ज्ञान बढ़ाए,
और समझदार व्यक्ति मार्गदर्शन प्राप्त करे,
6 ताकि वे नीतिवचन और दृष्टांत को,
तथा बुद्धिमानों के वचन और उनकी पहेलियों के अर्थ को समझें।
7 यहोवा का भय मानना बुद्धि का मूल है;
मूर्ख लोग ही बुद्धि और शिक्षा को तुच्छ समझते हैं।