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Provérbios 31

णवपत्‍

10 पत्‍सकतै?

उसकरत्‍ों बहअधिै।

11 उसकपति मन ें उसकरति ि्‍ै,

और उसिउततम वसघटनहीं ी।

12 वह ्‍अपनवन भर उससनहीं,

बलि भलयवहकरतै।

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