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Provérbios 9

िबनखत

1 ि अपनघर बना;

उसनअपनखड़ि

2 उसनअपनपशटकर और अपनखमधें मसिकर

अपनिै।

3 तब उसनअपनििरण ा;

और वह नगर ों रत:

4 "वह घर तर आए"

और उनससमझ ैं वह कहत:

5 "आओ, जन ें ,

और मसिखमधें

6 अपनखतऔर िरहो,

तथसमझ ें आगबढ़ो।"

7 ठटकरनिै,

वह वयअपमिै;

और ्‍यक्‍ि ाँटत

वह वयि पहुँै।

8 ठटकरनाँ,

नहीं वह झसरखा;

िाँ,

वह झसरखा।

9 ििवह अधििा;

धरिवह अपनिबढ़एगा।

10 यहभय ननि आरै,

और परमपविननसमझ ै।

11 आयबढ़ी,

और वन वरअधिोंे।

12 यदि िि िा;

और यदि ठटकरत

ुःउठएगा।

13 खतउस ्‍समहल मचै,

वह िकहऔर नहीं नती।

14 वह अपनघर पर ै;

वह नगर ों ें अपनआसन पर ै,

15 और वह पथिों अरउनस

अपने-अपनपर ैं,

रकर कहत:

16 "वह घर तर आए"

और उसससमझ वह कहत:

17 "ै,

और िपकर अचलगतै।"

18 वह यह नहीं नति वहाँ मरै,

और उसकअतिि अधिचलों ें पड़ैं।

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