इस्राएल द्वारा संदेश का इनकार
14 परंतु जिस पर उन्होंने विश्वास नहीं किया उसे वे कैसे पुकारें? और जिसके विषय में उन्होंने सुना नहीं उस पर वे कैसे विश्वास करें? और बिना प्रचार करनेवाले के वे कैसे सुनें? 15 और यदि उन्हें भेजा न जाए तो वे कैसे प्रचार करें? जैसा लिखा है : उनके पैर कितने सुहावने हैं जो10:15 कुछ हस्तलेखों में यहाँ "शांति का शुभ-संदेश और" लिखा है। भली बातों का सुसमाचार सुनाते हैं।10:15 यशायाह 52:7