17 अतः विश्वास सुनने से, और सुनना मसीह के वचन के द्वारा होता है। 18 परंतु मैं कहता हूँ, "क्या उन्होंने नहीं सुना?" उन्होंने अवश्य सुना है :
उनकी वाणी संपूर्ण पृथ्वी पर,
और उनके वचन जगत के छोर तक
फैल गए हैं।
17 अतः विश्वास सुनने से, और सुनना मसीह के वचन के द्वारा होता है। 18 परंतु मैं कहता हूँ, "क्या उन्होंने नहीं सुना?" उन्होंने अवश्य सुना है :
उनकी वाणी संपूर्ण पृथ्वी पर,
और उनके वचन जगत के छोर तक
फैल गए हैं।