मसीही आचरण
9 प्रेम निष्कपट हो। बुराई से घृणा करो, भलाई में लगे रहो, 10 भाईचारे की भावना से एक दूसरे से स्नेह रखो, आदर करने में एक दूसरे से आगे रहो,
9 प्रेम निष्कपट हो। बुराई से घृणा करो, भलाई में लगे रहो, 10 भाईचारे की भावना से एक दूसरे से स्नेह रखो, आदर करने में एक दूसरे से आगे रहो,