4 हे4:4 कुछ हस्तलेखों में यहाँ "व्यभिचारियो और" लिखा है। व्यभिचारिणियो, क्या तुम नहीं जानतीं कि संसार से मित्रता का अर्थ परमेश्वर से शत्रुता रखना है? इसलिए यदि कोई संसार का मित्र बनना चाहता है, तो वह स्वयं को परमेश्वर का शत्रु बनाता है। 6 क्या वह और अधिक अनुग्रह नहीं देता? इस कारण वह कहता है :
परमेश्वर अभिमानियों का विरोध करता है,
परंतु दीनों पर अनुग्रह करता है।4:6 नीति 3:34
7 इसलिए परमेश्वर के अधीन हो जाओ; शैतान का सामना करो, और वह तुम्हारे पास से भाग जाएगा। 8 परमेश्वर के निकट आओ, और वह तुम्हारे निकट आएगा। हे पापियो, अपने हाथों को शुद्ध करो; हे दुचित्तो, अपने हृदयों को शुद्ध करो।