4 अरे विश्वासघातियो!4:4 होशे 3:1 क्या तुम्हें यह मालूम नहीं कि संसार से मित्रता परमेश्वर से शत्रुता है? इसलिये उसने, जो संसार की मित्रता से बंधा हुआ है, अपने आपको परमेश्वर का शत्रु बना लिया है. 6 वह और अधिक अनुग्रह देते हैं, इसलिये लिखा है:
"परमेश्वर घमंडियों के विरुद्ध रहते
और दीनों को अनुग्रह देते हैं."4:6 सूक्ति 3:34
7 इसलिये परमेश्वर के अधीन रहो, शैतान का विरोध करो तो वह तुम्हारे सामने से भाग खड़ा होगा. 8 परमेश्वर के पास आओ तो वह तुम्हारे पास आएंगे. पापियो! अपने हाथ स्वच्छ करो. तुम, जो दुचित्ते हो, अपने हृदय शुद्ध करो.