17 एलिय्याह हमारे ही समान एक मनुष्य था, और उसने वर्षा न होने के लिए गिड़गिड़ाकर प्रार्थना की, और पृथ्वी पर तीन वर्ष और छः महीने तक वर्षा नहीं हुई। 18 उसने फिर से प्रार्थना की, तब आकाश से वर्षा हुई और पृथ्वी ने अपनी उपज दी।
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17 एलिय्याह हमारे ही समान एक मनुष्य था, और उसने वर्षा न होने के लिए गिड़गिड़ाकर प्रार्थना की, और पृथ्वी पर तीन वर्ष और छः महीने तक वर्षा नहीं हुई। 18 उसने फिर से प्रार्थना की, तब आकाश से वर्षा हुई और पृथ्वी ने अपनी उपज दी।